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तन्वी की मौत पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष, कहा—अभिभावकों ने दिया था लिखित कंसेंट

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तन्वी की मौत पर मेडिकल कॉलेज प्रशासन का पक्ष, कहा—अभिभावकों ने दिया था लिखित कंसेंट

 

 

डॉक्टर तन्वी मौत मामला: आत्महत्या या कुछ और? कई सवालों के बीच निष्पक्ष जांच की मांग
देहरादून। Shri Guru Ram Rai Institute of Medical & Health Sciences की पीजी डॉक्टर तन्वी की संदिग्ध मौत अब कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है। मामले में सच्चाई सामने लाने के लिए विस्तृत और निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है।
घटना को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह आत्महत्या है या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी हुई है?
उठ रहे बड़े सवाल
क्या डॉक्टर तन्वी की मौत आत्महत्या है या हत्या?
आत्महत्या से पहले कोई लिखित शिकायत क्यों नहीं की गई?
कोई सुसाइड नोट क्यों नहीं मिला?
मात्र 2 महीने बाद पीजी पूरा कर एसआरशिप शुरू करने वाली तन्वी ऐसा कदम क्यों उठाती?
घटनाक्रम पर संदेह
बताया जा रहा है कि तन्वी की अंतिम ड्यूटी जनरल ड्यूटी थी। सुबह करीब 3 बजे उनके माता-पिता उन्हें ब्रॉट डेड स्थिति में इमरजेंसी लेकर पहुंचे। इससे पहले उनकी गतिविधियों, लोकेशन और सीसीटीवी फुटेज की जांच बेहद जरूरी मानी जा रही है।
यह भी जांच का विषय है कि उनकी मां ने मेडिकल कॉलेज को तन्वी के घर नहीं पहुंचने की सूचना क्यों नहीं दी।
कॉलेज और विभाग पर सवाल
नेत्र रोग विभाग की एचओडी डॉ. प्रियंका के संबंध छात्रों के साथ सामान्य और मधुर बताए जा रहे हैं। इस बात की पुष्टि अन्य छात्रों से भी की जा सकती है। ऐसे में यह सवाल भी उठता है कि यदि किसी प्रकार की समस्या थी, तो उसकी शिकायत पहले क्यों नहीं की गई?
मानसिक स्वास्थ्य की पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार:
तन्वी लंबे समय से मानसिक रोग का उपचार ले रही थीं
2 वर्ष पूर्व भी उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था
31 दिसंबर 2025 को भी उन्होंने आत्महत्या की कोशिश की थी
उनके अभिभावक इस स्थिति से पूरी तरह अवगत थे और उनका नियमित इलाज करवा रहे थे। इसी कारण वे कॉलेज परिसर के पास ही रह रहे थे।
सोशल मीडिया और शिकायत पर सवाल
आज के दौर में छोटी-छोटी बातें भी सोशल मीडिया पर सामने आ जाती हैं, लेकिन:
इतनी बड़ी परेशानी को लेकर कोई सार्वजनिक शिकायत क्यों नहीं आई?
न तन्वी, न उनके परिवार और न ही उनके दोस्तों ने कोई संकेत क्यों दिया?
निशाने पर क्यों डॉ. प्रियंका?
घटना के बाद अब डॉ. प्रियंका पर आरोप लगाए जा रहे हैं। लेकिन:
बिना ठोस सबूत के उन्हें नामजद क्यों किया गया?
क्या इसके पीछे कोई और व्यक्ति या कारण है?
जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस जांच कर रही है। कॉलेज प्रशासन ने भी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर सभी तथ्य और मेडिकल दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, ताकि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आ सके।
मीडिया वर्जन
युवावस्था में एक होनहार डॉक्टर का इस तरह असमय निधन अत्यंत दुःखद एवं दुर्भाग्यपूर्ण है। Shri Guru Ram Rai Institute of Medical & Health Sciences परिवार परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना करता है कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति दें।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, डॉक्टर तन्वी लंबे समय से मानसिक रोग का उपचार ले रही थीं। यह भी ज्ञात हुआ है कि लगभग 2 वर्ष पूर्व उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था, जिसके बाद उन्हें आईसीयू में भर्ती करना पड़ा था। दिनांक 31 दिसंबर 2025 की रात्रि को भी उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया था।
इस संबंध में उनके अभिभावक पूर्णतः अवगत थे तथा उनका नियमित मनोरोग उपचार भी करवा रहे थे। तन्वी की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उनके अभिभावक मेडिकल कॉलेज परिसर के निकट ही निवास कर रहे थे। साथ ही, तन्वी की मानसिक बीमारी के संबंध में अभिभावकों द्वारा पूर्व में एम.एस. ऑफिस में लिखित सहमति (कंसेंट) भी प्रदान की गई थी।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संस्थान द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेज एवं तथ्य संबंधित प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध करा दिए गए हैं, ताकि निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य सामने आ सके।
भूपेंद्र रतूड़ी
मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी

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By admin

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