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SGRR का शिक्षा मॉडल: संस्कार, गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाएं और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास

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SGRR का शिक्षा मॉडल: संस्कार, गुणवत्ता, आधुनिक सुविधाएं और विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास






 

 

 

एक सपना था… हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने का

साल 1985 में ब्रह्मलीन श्री महंत इंद्रेश चरण दास जी महाराज ने इसी संकल्प के साथ श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल की नींव रखी थी। वह सपना आज केवल एक शिक्षण संस्थान तक सीमित नहीं है, *बल्कि समय के साथ एक व्यापक शिक्षा मिशन और वैश्विक सोच का रूप ले चुका है*।

इस शिक्षा यात्रा को नई दिशा और नई ऊंचाई देने का कार्य *वर्तमान श्री महाराज जी, श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज के दूरदर्शी नेतृत्व में आगे बढ़ रहा है*। उनका *उद्देश्य स्पष्ट है—SGRR के विद्यालयों को समय की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, तकनीक-सक्षम और वैश्विक स्तर की शिक्षा के केंद्र के रूप में विकसित करना*।

इसी सोच के तहत श्री गुरु राम राय पब्लिक स्कूल,*रेसकोर्स को आधुनिक स्वरूप देते हुए ग्लोबल/इंटरनेशनल स्कूल की दिशा में विकसित करने की पहल की जा रही है*। यहां शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, नए शिक्षण तौर-तरीके, खेल, रचनात्मक गतिविधियां, व्यक्तित्व विकास और भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप कौशल पर विशेष ध्यान रहेगा।

यह बदलाव केवल *एक स्कूल तक सीमित नहीं रहने वाला। गुरु राम राय एजुकेशन मिशन की अन्य शाखाओं को भी चरणबद्ध तरीके से आधुनिक और वैश्विक शिक्षा के अनुरूप विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा*

उद्देश्य है कि SGRR के विद्यालयों में पढ़ने वाला हर बच्चा बदलती दुनिया की जरूरतों के लिए तैयार हो।

*श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज जी की सोच में शिक्षा केवल किताबों और परीक्षा तक सीमित नहीं है*। शिक्षा ऐसी हो जो *बच्चे में ज्ञान के साथ आत्मविश्वास, संस्कार, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और नई सोच विकसित करे*। खेल और प्रतिभा को मंच मिले, तकनीक से जुड़ाव हो और बच्चा स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर वैश्विक अवसरों के लिए तैयार हो।

*SGRR के विद्यालयों से शिक्षा लेकर निकले अनेक विद्यार्थी आज देश-विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रहे हैं। यह उस शिक्षा परंपरा की निरंतरता है, जिसमें लक्ष्य केवल बच्चे को पढ़ाना नहीं, बल्कि उसकी क्षमता को पहचानकर उसे उसके उज्ज्वल भविष्य तक पहुंचाना है*।

*साल 1985 में बोया गया शिक्षा का बीज… आज ग्लोबल एजुकेशन की मजबूत सोच बन चुका है*

*एक स्कूल से शिक्षा मिशन तक…एक सपने से वैश्विक सोच तक*

*ब्रह्मलीन श्री महंत इंद्रेश चरण दास जी महाराज के संकल्प को श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज दे रहे हैं नई दिशा, नई तकनीक और नई ऊंचाई*

*यही है SGRR की शिक्षा यात्रा—परंपरा की जड़ों से जुड़कर भविष्य की दुनिया के लिए नई पीढ़ी तैयार करने का संकल्प*

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By admin

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