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Friday, March 1, 2024

C. M धामी ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिये त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया हुआ है

देवभूमि उत्तराखण्ड को 2025 तक ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य : धामी

C. M धामी ने मादक पदार्थों की रोकथाम के लिये त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया हुआ है

ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने व इसके तंत्र को ध्वस्त करने का काम जारी..धामी

ड्रग्स फ्री होगा उत्तराखंड : नशा परिवार और समूचे सामाजिक परिवेश को हानि पहुंचाता है: धामी

नशे की प्रवृति को रोकने के लिए सभी जिलों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है : मुख्यमंत्री धामी

 

 

 

नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई जारी : मुख्यमंत्री धामी

 

 

एनडीपीएस एक्ट के 600 मामले पंजीकृत , लगभग साढ़े सात सौ आरोपी गिरफ्तार : धामी

 

 

हम समय से पहले ही ड्रग्स फ्री देवभूमि का विकल्प रहित संकल्प अवश्य प्राप्त कर लेंगे: धामी

 

मुख्यमंत्री धामी जी ने ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड की शपथ दिलाई…

 

 

ड्रग्स फ्री उत्तराखंड : चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स संचालित…

 

 

 

 

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को गांधी पार्क, देहरादून में ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि देवभूमि उत्तराखण्ड को 2025 ड्रग्स फ्री बनाने का लक्ष्य रखा गया है, इस अभियान को सबको मिलकर सफल बनाना है। राज्य में ड्रग ट्रैफिकिंग को रोकने और इसके तंत्र को ध्वस्त करने के लिए निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। नशा केवल एक व्यक्ति को ही नहीं बल्कि उसके सारे परिवार और समूचे सामाजिक परिवेश को हानि पहुंचाता है। राज्य में जहां एक ओर लोगों और विशेषकर युवाओं में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा रही है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करी से जुड़े अपराधियों के खिलाफ कड़ी करवाई भी की जा रही है। इस वर्ष अभी तक एनडीपीएस एक्ट के तहत लगभग 600 मामले पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें करीब साढ़े सात सौ आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। मादक पदार्थों की रोकथाम एवं इस सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही हेतु राज्य में वर्ष 2022 में त्रिस्तरीय एन्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का गठन किया गया है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नशे की प्रवृति को रोकने एवं नशाग्रस्त व्यक्तियों को मुख्यधारा से जोड़ने तथा पुनर्वास हेतु प्रदेश के समस्त जनपदों में नशा मुक्ति केंद्रों को प्रभावी बनाया जा रहा है। वर्तमान में राज्य में चार इंटीग्रेटेड रिहैबिलिटेशन सेंटर फॉर एडिक्ट्स संचालित हैं। राज्य सरकार द्वारा समाज के विभिन्न वर्गों और विशेषकर युवाओं में नशे के दुष्परिणामों को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। नशे की रोकथाम एवं इसके सम्बन्ध में जानकारी तथा जनता को किसी भी प्रकार की सहायता हेतु हेल्पलाइन नम्बर भी जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि सभी के सहयोग और संस्थाओं द्वारा किये जा रहे अथक प्रयासों से, हम समय से पहले ही ड्रग्स फ्री देवभूमि का विकल्प रहित संकल्प अवश्य प्राप्त कर लेंगे।

 

मुख्यमंत्री ने नशे के खिलाफ अभियान चलाने की दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए तीलू रौतेली पुरुस्कार प्राप्त संस्था ’आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता’ के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि संस्था द्वारा भ्रूण हत्या, दहेज उत्पीड़न सहित अन्य मुद्दों के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम, रैलियों के साथ ही गोष्ठियां आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड की शपथ भी दिलाई।

 

आदर्श औद्योगिक स्वायत्तता सहकारिता संस्था की अध्यक्ष व कार्यक्रम संयोजक आशा कोठारी ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया तथा सचिव हरीश कोठारी द्वारा कार्यक्रम का संचालन किया गया।

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