• Thu. Nov 5th, 2026

Network10 Live

Uttarakhand News Portal

देशसेवा का जज्बा, गुरु महाराज जी के प्रति अटूट आस्था, विक्रांत उनियाल ने 4500 KM साइकिल अभियान पूरा कर रचा इतिहास

Byadmin

Nov 5, 2026
Share this

देशसेवा का जज्बा, गुरु महाराज जी के प्रति अटूट आस्था, विक्रांत उनियाल ने 4500 KM साइकिल अभियान पूरा कर रचा इतिहास






 

 

 

देहरादून। भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर एवं देहरादून निवासी विक्रांत उनियाल ने साहस, संकल्प और राष्ट्रभक्ति का अद्भुत परिचय देते हुए एक और गौरवशाली उपलब्धि अपने नाम की है। विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना के ऐतिहासिक कन्याकुमारी से कारगिल साइकिल अभियान में हिस्सा लेकर अपनी असाधारण इच्छाशक्ति और साहसिक व्यक्तित्व का परिचय दिया।

इस अभियान में भारतीय वायुसेना के 15 वायु योद्धाओं ने 4,500 किलोमीटर से अधिक की दूरी साइकिल से तय की। 8 अक्टूबर 2026 को वायुसेना दिवस के अवसर पर कारगिल युद्ध स्मारक पहुंचकर इस ऐतिहासिक अभियान का समापन हुआ। अभियान का मुख्य उद्देश्य ऑपरेशन विजय और ऑपरेशन सफेद सागर के वीर सैनिकों एवं वायु योद्धाओं के अदम्य साहस, बलिदान और राष्ट्र के प्रति समर्पण को नमन करना था। अभियान के दौरान वायु योद्धाओं ने तपते मैदानों, घुमावदार पहाड़ी रास्तों, कश्मीर की खूबसूरत वादियों और कारगिल की दुर्गम ऊंचाइयों को पार किया। यह अभियान केवल शारीरिक क्षमता की परीक्षा नहीं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, अनुशासन और देश के वीर सपूतों के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता का प्रतीक भी बना। विंग कमांडर विक्रांत उनियाल ने अभियान के अंतिम 1,145 किलोमीटर के चुनौतीपूर्ण चरण की योजना बनाने, समन्वय और संचालन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह चरण नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक से कारगिल युद्ध स्मारक तक पूरा किया गया।

विंग कमांडर विक्रांत उनियाल का श्री दरबार साहिब से गहरा आध्यात्मिक जुड़ाव है। वह समय-समय पर श्री दरबार साहिब में मत्था टेकने और सज्जादानशीन पूजनीय श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज से आशीर्वाद लेने पहुंचते हैं। उनका बचपन श्री दरबार साहिब में बीता है.

अपनी यात्राओं के अनुभव और संस्मरण भी उन्होंने श्री महाराज जी के साथ साझा किए। श्रीमहंत देवेन्द्र दास जी महाराज ने उन्हें उनकी साहसिक यात्राओं और आगामी अभियानों की सफलता के लिए आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं प्रदान कीं। फोन पर हुई बातचीत में विंग कमांडर विक्रांत उनियाल ने कहा कि उन पर श्री गुरु महाराज जी और श्री दरबार साहिब की असीम कृपा है। श्री दरबार साहिब से उनका आत्मीय लगाव है और यहां आकर उन्हें अपार शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि श्री दरबार साहिब के आशीर्वाद से ही वह निरंतर नई चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने अभियानों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित होते हैं।

विंग कमांडर विक्रांत उनियाल की उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में विश्व की सर्वोच्च चोटी माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया था। अब एवरेस्ट की बर्फीली चोटियों से लेकर कारगिल की दुर्गम पहाड़ियों तक का उनका सफर साहस, अनुशासन और अटूट संकल्प की प्रेरणादायी मिसाल बन गया है।

विंग कमांडर विक्रांत उनियाल की यह उपलब्धि देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। श्री दरबार साहिब प्रबंधन एवम श्री गुरु राम राय यूनिवर्सिटी ने उन्हें बधाई एवम शुभकामनायें दीं. उनकी सफलता युवाओं को संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर कठिन से कठिन लक्ष्य भी हासिल किए जा सकते हैं। उनका यह अभियान राष्ट्र के वीर शहीदों के प्रति कृतज्ञता, भारतीय वायुसेना के शौर्य और देशसेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण है।

Share this

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *